परवाह नहीं चाहे ज़माना कितना भी खिलाफ हो,
वरना हम तो हँसना भी सीख गए थे दर्द के साथ।
जो खुद से हार जाए, वो दुनिया से क्या जीत पाएगा?
जिसे चाहे उसी से सबसे ज़्यादा दर्द पाता है।
वही सबसे पहले हमारे विश्वास को तोड़ जाते हैं।
पर किसी के सामने टूटने की हिम्मत नहीं होती।
लोग तसल्लियां तो देते हैं पर साथ नहीं..!!
मुझे कौनसा इस दुनिया में दुबारा आना है ..!!
जख्म का निशा नही Sad Shayari in Hindi है और दर्द का इलाज नहीं…!
दूर रहकर भी वो दिल जलाने से बाज़ नहीं आते,
कील कि तरह सीधे रहोगे तो ठोक दिये जाओगे।
मगर वो ख्वाबों में आने से भी बाज़ नहीं आते।
मुझे देख कर मेरे गम बोले बड़ी देर लगा दी आने में…!
जरूरत से ज्यादा अच्छे बनोगे, तो इस्तमाल किए जाओगे।